مقدمة وغلاف المنتقى من موسوعة الأحاديث النبوية
शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान है
शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान है
भूमिका
सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जो इस संसार का रब है। दरूद व सलाम हो हमारे नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर और आपकी संतान-संतति, तमाम साथियों पर और क़यामत के दिन तक अच्छाई के साथ उनके मार्ग पर चलने वालों पर। तत्पश्चात :
एक मुसलमान को अल्लाह की किताब पवित्र क़ुरआन के बाद जिस चीज़ पर सबसे ज़्यादा तवज्जो देते हुए उसे पढ़ना, उसपर ग़ौर करना, उसे समझने का प्रयास करना, उसका ज्ञान प्राप्त करना और उसे सीखना चाहिए, वह है अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत। अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "ऐ लोगो, मैं तुम्हारे बीच दो चीज़ें छोड़ कर जा रहा हूँ। अगर तुम इन्हें मज़बूती से पकड़े रहोगे, तो तुम कभी गुमराह नहीं हो सकते। यह दो चीज़ें हैं, अल्लाह की किताब और उसके रसूल की सुन्नत।" इसे इमाम मालिक ने रिवायत किया है। उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : “और तुम्हें जो कुछ रसूल दें, उसे ले लो और जिससे रोंकें उससे रुक जाओ।" [सूरा अल-हश्र : 7] इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए भाषाओं में इस्लामी सामग्री सेवा संस्थान तथा इस्लामी जागरण केंद्र रबवा का प्रयास रहा है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की हदीसों का एक विश्वकोश तैयार किया जाए और इसका विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जाए।
फिर अल्लाह के अनुग्रह से इस विश्वकोश से एक मुसलमान के लिए धार्मिक एवं सांसारिक रूप से ज़रूरी एक संग्रह का चयन कर लिया गया है, उसमें शामिल हदीसों की संक्षिप्त व्याख्या कर दी गई है, उन हदीसों का अर्थ एवं संकेत स्पष्ट कर दिया गया है, उनसे साबित होने वाली कुछ महत्वपूर्ण बातें बता दी गई हैं और उसे इस नाम से सामने लाया गया है : "हदीस-ए-नबवी विश्वकोश से चयनित हदीसों का संग्रह" दुनिया की तमाम जीवित भाषाओं में इस संग्रह के अनुवाद का कार्य जारी है, ताकि इससे सभी लोग लाभ उठा सकें और अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत को सभी लोगों तक उनकी भाषाओं में पहुँचाया जा सके।
दुआ है कि अल्लाह इस कार्य को स्वीकार करे, इसे एक लाभकारी एवं अपनी प्रसन्नता के लिए किया जाने वाला कार्य बनाए और इसे तैयार करने, इसका अनुवाद करने और इसे प्रकाशित करने वाले हर व्यक्ति को प्रतिफल प्रदान करे।
दरूद व सलाम हो हमारे नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर।
संक्षिप्त परिचय
हदीस-ए-नबवी इस्लामी विधान के स्रोतों में से दूसरा स्रोत है। उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : ''और वह अपनी इच्छा से नहीं बोलते हैं। वह तो केवल वह्य है, जो उतारी जाती है।" [सूरा अल-नज्म : 3-4]
हदीस-ए-नबवी विश्वकोश से चयनित यह संग्रह दरअसल व्यापक अर्थ वाली ऐसी हदीसों का एक संग्रह है, जो एक मुसलमान के दीन एवं दुनिया के लिए आवश्यक हैं। हदीसों के साथ उनकी संक्षिप्त व्याख्या कर दी गई है, उनका अर्थ स्पष्ट कर दिया गया है और उनसे साबित होने वाली महत्पवूर्ण बातों को भी बिंदुवार दर्शा दिया गया है। वो भी दुनिया की कई जीवित ज़बानों में अनुवाद के साथ। ताकि सभी लोग लाभ उठा सकें और अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत को सभी लोगों तक उनकी भाषाओं में पहुँचाया जा सके।