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सूरतों की सूची /

الانشِقَاق

الانشِقَاق is chapter 84 of the Quran and has 25 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

25 आयतें सूरह क्रमांक 84
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتۡ

जब आकाश फट जाएगा।

وَأَذِنَتۡ لِرَبِّهَا وَحُقَّتۡ

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगा और यही उसके योग्य है।

وَإِذَا ٱلۡأَرۡضُ مُدَّتۡ

तथा जब धरती फैला दी जाएगी।

وَأَلۡقَتۡ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتۡ

और जो कुछ उसके भीतर है, उसे निकाल बाहर फेंक देगी और खाली हो जाएगी।

وَأَذِنَتۡ لِرَبِّهَا وَحُقَّتۡ

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगी और यही उसके योग्य है।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-5) इन आयतों में प्रलय के समय आकाश एवं धरती में जो हलचल होगी उसका चित्रण करते हुए यह बताया गया है कि इस ब्रह्मांड के विधाता के आज्ञानुसार ये आकाश और धरती कार्यरत हैं और प्रलय के समय भी उसी की आज्ञा का पालन करेंगे। धरती को फैलाने का अर्थ यह है कि पर्वत आदि खंड-खंड होकर समस्त भूमि चौरस कर दी जाएगी।