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सूरतों की सूची /

الطَّارق

الطَّارق is chapter 86 of the Quran and has 17 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

17 आयतें सूरह क्रमांक 86
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ

क़सम है आकाश की तथा रात में प्रकट होने वाले की!

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلطَّارِقُ

और तुम क्या जानो कि रात में प्रकट होने वाला क्या है?

ٱلنَّجۡمُ ٱلثَّاقِبُ

वह चमकता हुआ सितारा है।

إِن كُلُّ نَفۡسٖ لَّمَّا عَلَيۡهَا حَافِظٞ

प्रत्येक प्राणी पर एक निरीक्षक नियुक्त है।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-4) इनमें आकाश के तारों को इस बात की गवाही में लाया गया है कि ब्रह्मांड की कोई ऐसी वस्तु नहीं है, जो एक रक्षक के बिना अपने स्थान पर स्थित रह सकती है, और वह रक्षक स्वयं अल्लाह है।

فَلۡيَنظُرِ ٱلۡإِنسَٰنُ مِمَّ خُلِقَ

अतः इनसान को देखना चाहिए कि वह किस चीज़ से पैदा किया गया है?