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सूरतों की सूची /

الأعلى

الأعلى is chapter 87 of the Quran and has 19 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

19 आयतें सूरह क्रमांक 87
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

سَبِّحِ ٱسۡمَ رَبِّكَ ٱلۡأَعۡلَى

अपने सर्वोच्च पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करो।

ٱلَّذِي خَلَقَ فَسَوَّىٰ

जिसने पैदा किया और ठीक-ठीक बनाया।

وَٱلَّذِي قَدَّرَ فَهَدَىٰ

और जिसने (हर चीज़ को) अनुमानित किया, फिर मार्ग दिखाया।

وَٱلَّذِيٓ أَخۡرَجَ ٱلۡمَرۡعَىٰ

और जिसने चारा उगाया।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-4) इन आयतों में जिस पालनहार ने अपने नाम की पवित्रता का वर्णन करने का आदेश दिया है उसका परिचय दिया गया है कि वह पालनहार है जिसने सभी को पैदा किया, फिर उनको संतुलित किया, और उनके लिए एक विशेष प्रकार का अनुमान बनाया जिसकी सीमा से नहीं निकल सकते, और उनके लिए उस कार्य को पूरा करने की राह दिखाई जिसके लिए उन्हें पैदा किया है।

فَجَعَلَهُۥ غُثَآءً أَحۡوَىٰ

फिर उसे (सुखाकर) काले रंग का कूड़ा बना दिया।

Explanation & meanings · 1
  1. (4-5) इन आयतों में बताया गया है कि प्रत्येक कार्य अनुक्रम से धीरे-धीरे होते हैं। धरती के पौधे धीरे-धीरे गुंजान और हरे-भरे होते हैं। ऐसे ही मानवीय योग्यताएँ भी धीरे-धीरे पूरी होती हैं।