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الطَّارق /

आयत 14

86 : 14
الطَّارق आयतें 17
सूरह · الطَّارق
हिन्दी · Omari
86 : 14

وَمَا هُوَ بِٱلۡهَزۡلِ

और यह हँसी-मज़ाक़ नही है।

Explanation & meanings · 1
  1. (11-14) इन आयतों में बताया गया है कि आकाश से वर्षा का होना तथा धरती से पेड़ पौधों का उपजना कोई खेल नहीं, एक गंभीर कर्म है। इसी प्रकार क़ुरआन में जो तथ्य बताए गए हैं, वे भी हँसी-उपहास नहीं हैं, पक्की और अडिग बातें हैं। काफ़िर (विश्वासहीन) इस भ्रम में न रहें कि उनकी चालें इस क़ुरआन के आमंत्रण को विफल कर देंगी। अल्लाह भी एक उपाय में लगा है जिसके आगे इनकी चालें धरी रह जाएँगी।