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सूरतों की सूची /

الفَجر

الفَجر is chapter 89 of the Quran and has 30 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

30 आयतें सूरह क्रमांक 89
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلۡفَجۡرِ

क़सम है फ़ज्र (उषाकाल) की!

وَلَيَالٍ عَشۡرٖ

तथा दस रातों की!

وَٱلشَّفۡعِ وَٱلۡوَتۡرِ

और सम (जोड़े) और विषम (अकेले) की!

وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَسۡرِ

और रात की, जब वह चलती है!

هَلۡ فِي ذَٰلِكَ قَسَمٞ لِّذِي حِجۡرٍ

निश्चय इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी क़सम है?

Explanation & meanings · 1
  1. (1-5) इन आयतों में सबसे पहले चार चीजों की क़सम खाई गई है, जिन्हें परलोक में कर्मों के फल के सबूत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जिस का अर्थ यह है कि कर्मों का फल सत्य है। जिस व्यवस्था से यह दिन-रात चल रहा है उससे सिद्ध होता है कि अल्लाह ही इसे चला रहा है। "दस रात्रियों" से अभिप्राय "ज़ुल ह़िज्जा" मास की प्रारंभिक दस रातें हैं। सह़ीह़ ह़दीसों में इनकी बड़ी प्रधानता बताई गई है।