89 : 26
وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُۥٓ أَحَدٞ
और न उसके बाँधने जैसा कोई बाँधेगा।
Explanation & meanings · 1
- (21-26) इन आयतों मे बताया गया है कि धन पूजने और उससे परलोक न बनाने का दुष्परिणाम नरक की घोर यातना के रूप में सामने आएगा, तब भौतिकवादी कुकर्मियों की समझ में आएगा कि क़ुरआन को न मानकर बड़ी भूल हुई और हाथ मलेंगे।