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सूरतों की सूची /

اللَّيل

اللَّيل is chapter 92 of the Quran and has 21 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

21 आयतें सूरह क्रमांक 92
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَغۡشَىٰ

रात की क़सम, जब वह छा जाए।

وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ

और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!

وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلۡأُنثَىٰٓ

तथा नर और मादा को पैदा करने की क़सम।

إِنَّ سَعۡيَكُمۡ لَشَتَّىٰ

निःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-4) इन आयतों का भावार्थ यह है कि जिस प्रकार रात-दिन तथा नर-मादा (स्त्री-पुरुष) भिन्न हैं, और उनके लक्षण और प्रभाव भी भिन्न हैं, इसी प्रकार मानवजाति (इनसान) के विश्वास, कर्म भी दो भिन्न प्रकार के हैं। और दोनों के प्रभाव और परिणाम भी विभिन्न हैं।

فَأَمَّا مَنۡ أَعۡطَىٰ وَٱتَّقَىٰ

फिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।