وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَغۡشَىٰ
रात की क़सम, जब वह छा जाए।
اللَّيل is chapter 92 of the Quran and has 21 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.
وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَغۡشَىٰ
रात की क़सम, जब वह छा जाए।
وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ
और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!
وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلۡأُنثَىٰٓ
तथा नर और मादा को पैदा करने की क़सम।
إِنَّ سَعۡيَكُمۡ لَشَتَّىٰ
निःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।
فَأَمَّا مَنۡ أَعۡطَىٰ وَٱتَّقَىٰ
फिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।
وَصَدَّقَ بِٱلۡحُسۡنَىٰ
और सबसे अच्छी बात को सत्य माना।
فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلۡيُسۡرَىٰ
तो निश्चय हम उसके लिए भलाई को आसान कर देंगे।
وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسۡتَغۡنَىٰ
लेकिन वह (व्यक्ति) जिसने कंजूसी की और बेपरवाही बरती।
وَكَذَّبَ بِٱلۡحُسۡنَىٰ
और सबसे अच्छी बात को झुठलाया।
فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلۡعُسۡرَىٰ
तो हम उसके लिए कठिनाई (बुराई का मार्ग) आसान कर देंगे।
وَمَا يُغۡنِي عَنۡهُ مَالُهُۥٓ إِذَا تَرَدَّىٰٓ
और जब वह (जहन्नम के गड्ढे में) गिरेगा, तो उसका धन उसके किसी काम नहीं आएगा।
إِنَّ عَلَيۡنَا لَلۡهُدَىٰ
निःसंदेह हमारा ही ज़िम्मे मार्ग दिखाना है।
وَإِنَّ لَنَا لَلۡأٓخِرَةَ وَٱلۡأُولَىٰ
निःसंदेह हमारे ही अधिकार में आख़िरत और दुनिया है।
فَأَنذَرۡتُكُمۡ نَارٗا تَلَظَّىٰ
अतः मैंने तुम्हें भड़कती आग से सावधान कर दिया है।
لَا يَصۡلَىٰهَآ إِلَّا ٱلۡأَشۡقَى
जिसमें केवल सबसे बड़ा अभागा ही प्रवेश करेगा।
ٱلَّذِي كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
जिसने झुठलाया तथा मुँह फेरा।
وَسَيُجَنَّبُهَا ٱلۡأَتۡقَى
और उससे उस व्यक्ति को बचा लिया जाएगा, जो सबसे ज़्यादा परहेज़गार है।
ٱلَّذِي يُؤۡتِي مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ
जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।
وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُۥ مِن نِّعۡمَةٖ تُجۡزَىٰٓ
और उसपर किसी का कोई उपकार नहीं है, जिसका बदला चुकाया जाए।
إِلَّا ٱبۡتِغَآءَ وَجۡهِ رَبِّهِ ٱلۡأَعۡلَىٰ
वह तो केवल अपने सर्वोच्च रब का चेहरा चाहता है।
وَلَسَوۡفَ يَرۡضَىٰ
और निश्चय वह (बंदा) प्रसन्न हो जाएगा।