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اللَّيل /

आयत 5

92 : 5
اللَّيل आयतें 21
सूरह · اللَّيل
हिन्दी · Omari
92 : 5

فَأَمَّا مَنۡ أَعۡطَىٰ وَٱتَّقَىٰ

फिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।