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اللَّيل /

आयत 4

92 : 4

आयत 4 of اللَّيل (92 : 4). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

اللَّيل आयतें 21
सूरह · اللَّيل
हिन्दी · Omari
92 : 4

إِنَّ سَعۡيَكُمۡ لَشَتَّىٰ

निःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-4) इन आयतों का भावार्थ यह है कि जिस प्रकार रात-दिन तथा नर-मादा (स्त्री-पुरुष) भिन्न हैं, और उनके लक्षण और प्रभाव भी भिन्न हैं, इसी प्रकार मानवजाति (इनसान) के विश्वास, कर्म भी दो भिन्न प्रकार के हैं। और दोनों के प्रभाव और परिणाम भी विभिन्न हैं।