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اللَّيل /

आयत 18

92 : 18
اللَّيل आयतें 21
सूरह · اللَّيل
हिन्दी · Omari
92 : 18

ٱلَّذِي يُؤۡتِي مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ

जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।