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सूरतों की सूची /

القَلَم

القَلَم is chapter 68 of the Quran and has 52 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

52 आयतें सूरह क्रमांक 68
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

نٓۚ وَٱلۡقَلَمِ وَمَا يَسۡطُرُونَ

नून। क़सम है क़लम की तथा उसकी जो वे लिखते हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात क़ुरआन की। जिसे उतरने के साथ ही नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) लेखकों से लिखवाते थे। जैसे ही कोई सूरत या आयत उतरती, लेखक क़लम तथा चमड़ों और झिल्लियों के साथ उपस्थित हो जाते थे, ताकि पूरे संसार के मनुष्यों को क़ुरआन अपने वास्तविक रूप में पहुँच सके। और सदा के लिए सुरक्षित हो जाए। क्योंकि अब आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पश्चात् कोई नबी और कोई पुस्तक नहीं आएगी। और प्रलय तक के लिए अब पूरे संसार के नबी आप ही हैं। और उनके मार्गदर्शन के लिए क़ुरआन ही एकमात्र धर्म पुस्तक है। इसी लिए इसे सुरक्षित कर दिया गया है। और यह विशेषता किसी भी आकाशीय ग्रंथ को प्राप्त नहीं है। इस लिए अब मोक्ष के लिए अंतिम नबी तथा अंतिम धर्म ग्रंथ क़ुरआन पर ईमान लाना अनिवार्य है।

مَآ أَنتَ بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ بِمَجۡنُونٖ

आप, अपने रब के अनुग्रह से हरगिज़ दीवाना नहीं हैं।

وَإِنَّ لَكَ لَأَجۡرًا غَيۡرَ مَمۡنُونٖ

तथा निःसंदेह आपके लिए निश्चय ऐसा प्रतिफल है जो निर्बाध है।

وَإِنَّكَ لَعَلَىٰ خُلُقٍ عَظِيمٖ

तथा निःसंदेह निश्चय आप एक महान चरित्र पर हैं।

فَسَتُبۡصِرُ وَيُبۡصِرُونَ

अतः शीघ्र ही आप देख लेंगे तथा वे भी देख लेंगे।