Skip to content
القَلَم /

आयत 31

68 : 31
القَلَم आयतें 52
सूरह · القَلَم
हिन्दी · Omari
68 : 31

قَالُواْ يَٰوَيۡلَنَآ إِنَّا كُنَّا طَٰغِينَ

उन्होंने कहा : हाय हमारा विनाश! निश्चय हम ही सीमा का उल्लंघन करने वाले थे।