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القَلَم /

आयत 48

68 : 48

आयत 48 of القَلَم (68 : 48). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

القَلَم आयतें 52
सूरह · القَلَم
हिन्दी · Omari
68 : 48

فَٱصۡبِرۡ لِحُكۡمِ رَبِّكَ وَلَا تَكُن كَصَاحِبِ ٱلۡحُوتِ إِذۡ نَادَىٰ وَهُوَ مَكۡظُومٞ

अतः अपने पालनहार के निर्णय तक धैर्य रखें और मछली वाले के समान न हो जाएँ, जब उसने (अल्लाह को) पुकारा, इस हाल में कि वह शोक से भरा हुआ था।

Explanation & meanings · 1
  1. इससे अभिप्राय यूनुस (अलैहिस्सलाम) हैं, जिनको मछली ने निगल लिया था। (देखिए : सूरतुस-साफ़्फ़ात, आयत : 139)