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القَلَم /

आयत 35

68 : 35
القَلَم आयतें 52
सूरह · القَلَم
हिन्दी · Omari
68 : 35

أَفَنَجۡعَلُ ٱلۡمُسۡلِمِينَ كَٱلۡمُجۡرِمِينَ

तो क्या हम आज्ञाकारियों को अपराध करने वालों की तरह कर देंगे?

Explanation & meanings · 1
  1. मक्का के प्रमुख कहते थे कि यदि प्रलय हुई, तो वहाँ भी हमें यही सांसारिक सुख-सुविधा प्राप्त होगी। जिसका इस आयत में खंडन किया जा रहा है। अभिप्राय यह है कि अल्लाह के यहाँ देर है, परंतु अँधेर नहीं है।