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القَلَم /

आयत 44

68 : 44
القَلَم आयतें 52
सूरह · القَلَم
हिन्दी · Omari
68 : 44

فَذَرۡنِي وَمَن يُكَذِّبُ بِهَٰذَا ٱلۡحَدِيثِۖ سَنَسۡتَدۡرِجُهُم مِّنۡ حَيۡثُ لَا يَعۡلَمُونَ

अतः आप मुझे तथा उसको छोड़ दें, जो इस वाणी (क़ुरआन) को झुठलाता है। हम उन्हें धीरे-धीरे (यातना की ओर) इस प्रकार ले जाएँगे कि वे जान भी न सकेंगे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उनके बुरे परिणाम की ओर।