Surah List /
70

المَعَارج

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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

سَأَلَ سَآئِلُۢ بِعَذَابٖ وَاقِعٖ لِّلۡكَٰفِرِينَ لَيۡسَ لَهُۥ دَافِعٞ مِّنَ ٱللَّهِ ذِي ٱلۡمَعَارِجِ تَعۡرُجُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ إِلَيۡهِ فِي يَوۡمٖ كَانَ مِقۡدَارُهُۥ خَمۡسِينَ أَلۡفَ سَنَةٖ فَٱصۡبِرۡ صَبۡرٗا جَمِيلًا

Ayah 1

سَأَلَ سَآئِلُۢ بِعَذَابٖ وَاقِعٖ

हिन्दी

एक माँगने वाले[1] ने वह यातना माँगी, जो घटित होने वाली है।

[1] कहा जाता है नज़्र पुत्र ह़ारिस अथवा अबू जह्ल ने यह माँग की थी कि "ऐ अल्लाह! यदि यह सत्य है तेरी ओर से तो तू हमपर आकाश से पत्थर बरसा दे।" (देखिए : सूरतुल-अन्फाल, आयतः 32)