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सूरतों की सूची /

طه

طه is chapter 20 of the Quran and has 135 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

135 आयतें सूरह क्रमांक 20
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

مَآ أَنزَلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡقُرۡءَانَ لِتَشۡقَىٰٓ

हमने आपपर यह क़ुरआन इसलिए नहीं अवतरित किया कि आप कष्ट में पड़ जाएँ।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात विरोधियों के ईमान न लाने पर।

إِلَّا تَذۡكِرَةٗ لِّمَن يَخۡشَىٰ

परंतु उसकी याददहानी (नसीहत) के लिए, जो डरता है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात ईमान न लाने तथा कुकर्मों के दुष्परिणाम से।

تَنزِيلٗا مِّمَّنۡ خَلَقَ ٱلۡأَرۡضَ وَٱلسَّمَٰوَٰتِ ٱلۡعُلَى

उसकी ओर से उतारा हुआ है, जिसने पृथ्वी और ऊँचे आकाशों को बनाया।।

ٱلرَّحۡمَٰنُ عَلَى ٱلۡعَرۡشِ ٱسۡتَوَىٰ

वह रहमान (अत्यंत दयावान् अल्लाह) अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ।