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طه /

आयत 3

20 : 3
طه आयतें 135
सूरह · طه
हिन्दी · Omari
20 : 3

إِلَّا تَذۡكِرَةٗ لِّمَن يَخۡشَىٰ

परंतु उसकी याददहानी (नसीहत) के लिए, जो डरता है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात ईमान न लाने तथा कुकर्मों के दुष्परिणाम से।