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طه /

आयत 2

20 : 2
طه आयतें 135
सूरह · طه
हिन्दी · Omari
20 : 2

مَآ أَنزَلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡقُرۡءَانَ لِتَشۡقَىٰٓ

हमने आपपर यह क़ुरआन इसलिए नहीं अवतरित किया कि आप कष्ट में पड़ जाएँ।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात विरोधियों के ईमान न लाने पर।