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طه /

आयत 102

20 : 102

आयत 102 of طه (20 : 102). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

طه आयतें 135
सूरह · طه
हिन्दी · Omari
20 : 102

يَوۡمَ يُنفَخُ فِي ٱلصُّورِۚ وَنَحۡشُرُ ٱلۡمُجۡرِمِينَ يَوۡمَئِذٖ زُرۡقٗا

जिस दिन सूर में फूँका जाएगा और हम अपराधियों को उस दिन इस दशा में इकट्ठा करेंगे कि नीली आँखों वाले होंगे।

Explanation & meanings · 1
  1. "सूर" का अर्थ नरसिंघा है, जिसमें अल्लाह के आदेश से एक फ़रिश्ता इसराफ़ील अलैहिस्सलाम फूँकेगा, और प्रलय आ जाएगी। (मुसनद अह़्मद : 2191) और पुनः फूँकेगा तो सब जीवित होकर हश्र के मैदान में आ जाएँगे।