Skip to content
طه /

आयत 39

20 : 39
طه आयतें 135
सूरह · طه
हिन्दी · Omari
20 : 39

أَنِ ٱقۡذِفِيهِ فِي ٱلتَّابُوتِ فَٱقۡذِفِيهِ فِي ٱلۡيَمِّ فَلۡيُلۡقِهِ ٱلۡيَمُّ بِٱلسَّاحِلِ يَأۡخُذۡهُ عَدُوّٞ لِّي وَعَدُوّٞ لَّهُۥۚ وَأَلۡقَيۡتُ عَلَيۡكَ مَحَبَّةٗ مِّنِّي وَلِتُصۡنَعَ عَلَىٰ عَيۡنِيٓ

यह कि तू इसे ताबूत (संदूक़) में रख दे, फिर उसे नदी में डाल दे, फिर नदी उसे किनारे पर डाल दे, उसे मेरा एक शत्रु और उसका शत्रु उठा लेगा और मैंने तुझपर अपनी ओर से एक प्रेम डाल दिया और ताकि तेरा पालन-पोषण मेरी आँखों के सामने किया जाए।

Explanation & meanings · 2
  1. इस से तात्पर्य मिस्र का राजा फ़िरऔन है।
  2. अर्थात तुम्हें सबका प्रिय अथवा फ़िरऔन का भी प्रिय बना दिया।