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الإخلَاص /

आयत 4

112 : 4

आयत 4 of الإخلَاص (112 : 4). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الإخلَاص आयतें 4
सूरह · الإخلَاص
हिन्दी · Omari
112 : 4

وَلَمۡ يَكُن لَّهُۥ كُفُوًا أَحَدُۢ

और न कोई उसका समकक्ष है।

Explanation & meanings · 1
  1. इस आयत में यह बताया गया है कि उसकी प्रतिमा तथा उसके बराबर और समतुल्य कोई नहीं है। उसके कर्म, गुण और अधिकार में कोई किसी रूप में बराबर नहीं। न उसकी कोई जाति है न परिवार। इन आयतों में क़ुरआन उन विषयों को जो लोगों के तौह़ीद से फिसलने का कारण बने, उसे अनेक रूप में वर्णित करता है। और देवियों और देवताओं के विवाहों और उन के पुत्र और पौत्रों का जो विवरण देव मालाओं में मिलता है, क़ुरआन ने उसका खंडन किया है।