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आयत 13

87 : 13
الأعلى आयतें 19
सूरह · الأعلى
हिन्दी · Omari
87 : 13

ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحۡيَىٰ

फिर वह उसमें न मरेगा, न जिएगा।

Explanation & meanings · 1
  1. (9-13) इनमें बताया गया है कि आपको मात्र इसका प्रचार-प्रसार करना है। और इसकी सरल राह यह है कि जो सुने और मानने के लिए तैयार हो, उसे शिक्षा दी जाए। किसी के पीछे पड़ने की आवश्यकता नहीं है। जो हत्भागे हैं, वही नहीं सुनेंगे और नरक की यातना के रूप में अपना दुष्परिणाम देखेंगे।