Skip to content
सूरतों की सूची /

الذَّاريَات

الذَّاريَات is chapter 51 of the Quran and has 60 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

60 आयतें सूरह क्रमांक 51
आयत पर जाएँ
हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلذَّٰرِيَٰتِ ذَرۡوٗا

क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!

فَٱلۡحَٰمِلَٰتِ وِقۡرٗا

फिर पानी का बड़ा भारी बोझ उठाने वाले बादलों की!

فَٱلۡجَٰرِيَٰتِ يُسۡرٗا

फिर आसानी से चलने वाली नावों की!

فَٱلۡمُقَسِّمَٰتِ أَمۡرًا

फिर (अल्लाह का) आदेश बाँटने वाले (फ़रिश्तों की)!

إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٞ

निःसंदेह जो तुमसे वादा किया जाता है, निश्चय वह सत्य है।

Explanation & meanings · 1
  1. इन आयतों में हवाओं की शपथ ली गई है कि हवा (वायु) तथा वर्षा की यह व्यवस्था गवाह है कि प्रलय तथा परलोक का वचन सत्य तथा न्याय का होना आवश्यक है।