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الذَّاريَات /

आयत 22

51 : 22
الذَّاريَات आयतें 60
सूरह · الذَّاريَات
हिन्दी · Omari
51 : 22

وَفِي ٱلسَّمَآءِ رِزۡقُكُمۡ وَمَا تُوعَدُونَ

और आकाश ही में तुम्हारी रोज़ी है तथा वह भी जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात आकाश की वर्षा तुम्हारी जीविका का साधन बनती है। तथा स्वर्ग आकाश में है।