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सूरतों की सूची /

الهُمَزة

الهُمَزة is chapter 104 of the Quran and has 9 verses. This page presents it in full in the Uthmani script, with a verse-by-verse translation of its meaning.

9 आयतें सूरह क्रमांक 104
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हिन्दी · Omari
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَيۡلٞ لِّكُلِّ هُمَزَةٖ لُّمَزَةٍ

विनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।

ٱلَّذِي جَمَعَ مَالٗا وَعَدَّدَهُۥ

जिसने धन एकत्र किया और उसे गिन-गिन कर रखा।

يَحۡسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخۡلَدَهُۥ

वह समझता है कि उसके धन ने उसे हमेशा रहने वाला बना दिया?

Explanation & meanings · 1
  1. (1-3) इन आयतों में धन के पुजारियों के अपने धन के घमंड में दूसरों का अपमान करने और उनकी कृपणता (कंजूसी) का चित्रण किया गया है, उन्हें चेतावनी दी गई है कि यह आचरण विनाशकारी है, धन किसी को संसार में सदा जीवित नहीं रखेगा, एक समय आएगा कि उसे सब कुछ छोड़ कर ख़ाली हाथ जाना पड़ेगा।

كَلَّاۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِي ٱلۡحُطَمَةِ

कदापि नहीं, वह अवश्य 'ह़ुतमा' में फेंका जाएगा।

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡحُطَمَةُ

और तुम क्या जानो कि वह 'हुतमा' क्या है?