जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया :
"जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
«مَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने अल्लाह पर विश्वास रखते हुए, रोज़े के फ़र्ज़ होने तथा रोज़ेदारों को मिलने वाले विशाल प्रतिफल की पुष्टि करते हुए, अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए और दिखावे से बचते हुए रमज़ान के रोज़े रखे, उसके गुनाह क्षमा कर दिए जाते हैं।
...:
रमज़ान के रोज़े तथा अन्य सभी नेकी के कार्यों में मन में केवल अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति की नीयत रखने का महत्व।
सह़ीह़ बुख़ारी (1/ 16) (38).
सह़ीह़ मुस्लिम (1/ 523) (760).
अधिक (8)
بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين.
لسليم الهلالي (2/ 361).
نزهة المتقين شرح رياض الصالحين.
لمصطفى الخِن وغيره (2/ 868).
كنوز رياض الصالحين.
لمجموعة من الباحثين (15/ 40).
شرح رياض الصالحين.
لابن عثيمين (5/ 270).
पुस्तकों में उद्धृत
21 पुस्तकें- छोटे बच्चों के लिए रमज़ान महीने से संबंधित कुछ प्रश्नोत्तर जो बड़ों के लिए भी आवश्यक हैं"जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
- छोटे बच्चों के लिए रमज़ान महीने से संबंधित कुछ प्रश्नोत्तर जो बड़ों के लिए भी आवश्यक हैं"जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए रमज़ान में तरावीह की नमाज़ पढ़ी, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
- छोटे बच्चों के लिए रमज़ान महीने से संबंधित कुछ प्रश्नोत्तर जो बड़ों के लिए भी आवश्यक हैं"जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
- सदाचार का प्रतिफलالمنتقى من المتجر الرابح في ثواب العمل الصالح"जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
- ज़कात एवं रोज़े के संबंध में दो संक्षिप्त पुस्तिकाएंفي فضل صيام رمضان وقيامه "जो कोई रमज़ान के रोज़े रखता है ईमान और अल्लाह से प्रतिफल की उम्मीद के साथ, उसके पहले किए गए (सग़ीरा) गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं। जो कोई रमज़ान की रातों में तरावीह की नमाज़ ईमान और सवाब (पुण्य) की उम्मीद के साथ अदा करता है, उसके भी पहले किए
- ज़कात एवं रोज़े के संबंध में दो संक्षिप्त पुस्तिकाएंفي فضل صيام رمضان وقيامه "जो कोई रमज़ान के रोज़े ईमान और अल्लाह से सवाब (पुण्य) की उम्मीद के साथ रखता है, उसके पहले किए गए (सग़ीरा) गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं, और जो कोई रमज़ान की रातों में तरावीह की नमाज़ ईमान और सवाब की उम्मीद के साथ अदा करता है, उसके भी पहले किए
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- الصيام ومجموعة أسئلة في أحكامه«مَنْ قَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»[4].
- الصيام ومجموعة أسئلة في أحكامه«مَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا، غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»[10].
- الصيام ومجموعة أسئلة في أحكامه«مَنْ قَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»[73].
- رياض الصالحينرياض الصالحين مع فوائد وهدايات - 6«مَنْ صامَ رَمَضَانَ إيماناً واحتساباً ، غُفرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ من ذَنْبِهِ».
- كتاب تعليم المسلم الجديد«مَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا؛ غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»
- ما لا يسع أطفال المسلمين جهله«مَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا؛ غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»[65].
- مجموعة زاد الحديث(3)1«من صام رمضانَ إيمانًا واحْتسابًا غُفِرَ له ما تقَدَّمَ من ذنبِهِ».
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- من أحكام الصيام«مَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ» [6].
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- نصوص مختارة للرمضانمَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ