34 : 52
وَقَالُوٓاْ ءَامَنَّا بِهِۦ وَأَنَّىٰ لَهُمُ ٱلتَّنَاوُشُ مِن مَّكَانِۭ بَعِيدٖ
और वे पुकार उठेंगे : हम (अब) उसपर ईमान ले आए। लेकिन इतनी दूर जगह से उनके लिए ईमान की प्राप्ति कहाँ से संभव है?
Explanation & meanings · 2
- अर्थात अल्लाह तथा उस के रसूल पर।
- ईमान लाने का स्थान तो संसार था। परंतु संसार में उसे अस्वीकार कर दिया।