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المؤمنُون /

आयत 100

23 : 100

आयत 100 of المؤمنُون (23 : 100). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

المؤمنُون आयतें 118
सूरह · المؤمنُون
हिन्दी · Omari
23 : 100

لَعَلِّيٓ أَعۡمَلُ صَٰلِحٗا فِيمَا تَرَكۡتُۚ كَلَّآۚ إِنَّهَا كَلِمَةٌ هُوَ قَآئِلُهَاۖ وَمِن وَرَآئِهِم بَرۡزَخٌ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ

ताकि मैं जो कुछ छोड़ आया हूँ, उसमें कोई नेक कार्य कर लूँ। हरगिज़ नहीं, यह तो मात्र एक बात है, जिसे वह कहने वाला है और उनके पीछे उस दिन तक जब वे (पुनः) उठाए जाएँगे, एक ओट है।

Explanation & meanings · 2
  1. अर्थात उसके कथन का कोई प्रभाव नहीं होगा।
  2. ओट जिसके लिए बर्ज़ख शब्द आया है, उस अवधि का नाम है जो मृत्यु तथा प्रलय के बीच होगी।