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البَقَرَة /

आयत 224

2 : 224
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 224

وَلَا تَجۡعَلُواْ ٱللَّهَ عُرۡضَةٗ لِّأَيۡمَٰنِكُمۡ أَن تَبَرُّواْ وَتَتَّقُواْ وَتُصۡلِحُواْ بَيۡنَ ٱلنَّاسِۚ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٞ

तथा अल्लाह की क़सम को भलाई करने, परहेज़गारी की राह पर चलने और लोगों के बीच मेल-मिलाप कराने के विरुद्ध तर्क न बनाओ। और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात सदाचार और पुण्य न करने की शपथ लेना अनुचित है।