रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के समय न कोई दिरहम छोड़ा, न दीनार, न कोई ग़ुलाम और न लौंडी, और न कोई चीज़, सिवाय अपने सफेद ख़च्चर, अपने हथियार और एक ज़मीन के, जिसे आप सदक़ा कर चुके थे।
अम्र बिन हारिस, जो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साले और उम्मुल मोमिनीन जुवैरिया बिन्ते हारिस के भाई हैं, -रज़ियल्लाहु अन्हुम- का वर्णन है, :
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के समय न कोई दिरहम छोड़ा, न दीनार, न कोई ग़ुलाम और न लौंडी, और न कोई चीज़, सिवाय अपने सफेद ख़च्चर, अपने हथियार और एक ज़मीन के, जिसे आप सदक़ा कर चुके थे।
مَا تَرَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عِنْدَ مَوْتِهِ دِرْهَمًا وَلاَ دِينَارًا وَلاَ عَبْدًا وَلاَ أَمَةً وَلاَ شَيْئًا، إِلَّا بَغْلَتَهُ البَيْضَاءَ، وَسِلاَحَهُ، وَأَرْضًا جَعَلَهَا صَدَقَةً.
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की वफ़ात हुई तो आपने न चाँदी का कोई दिरहम छोड़ा, न सोने का कोई दीनार, न कोई लौंडी ग़ुलाम (दासी एवं दास), न कोई बकरी और न कोई ऊँट, और न कोई अन्य प्रकार का धन। छोड़ा तो बस अपना सफ़ेद खच्चर, जिस पर आप सवार होते थे, अपने हथियार, और एक ज़मीन, जिसे अपनी सेहतमंदी में मुसाफ़िरों के लिए वक़्फ़ कर दिया था।
नबीगण किसी को वारिस नहीं बनाते।
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मौत के बाद जो कुछ छोड़ा, उसका वर्णन।
आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का देहांत हो गया तथा अपनी उदारता, दानशीलता और परोपकार के कारण आपने अपने पीछे कोई महत्वपूर्ण वस्तु नहीं छोड़ी।
किर्मानी कहते हैं : हदीस के शब्द (وجعلها) में ज़मीर (सर्वनाम) तीनों, यानी खच्चर, हथियार और ज़मीन की ओर लौटता है, न कि केवल ज़मीन की ओर।
अरबी शब्द (وجعلها) का अर्थ है : पत्नी का भाई। जबकि (الأختان) का अर्थ है : ससुराली संबंधी।
सह़ीह़ बुख़ारी (4/ 2) (2739).
अधिक (3)
النهاية في غريب الحديث والأثر (254).
فتح الباري لابن حجر (5/ 360).
عمدة القاري شرح صحيح البخاري (14/ 31).