تعريف بالقرآن الكريم
पवित्र क़ुरआन क्या है?
पवित्र क़ुरआन क्या है?
अनुसंधान समिति, अध्यक्षता धार्मिक मामलात मस्जिद-ए-हराम एवं मस्जिद-ए-नबवी
अल्लाह के नाम से शुरू करता हूँ, जो बड़ा दयालु अत्यंत दयावान है
पवित्र क़ुरआन अल्लाह की वाणी है, जो सारे संसार का पालनहार और सृष्टिकर्ता है। उसे अल्लाह ने अंतिम नबी एवं रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर इसलिए उतारा है, ताकि मानव जाति को उसकी सृष्टि का उद्देश्य और दुनिया तथा आख़िरत की सफलता की राह बताए और मौत के बाद की स्थायी असफलता से मुक्ति प्रदान करे। क़ुरआन सबसे अंत में उतरने वाली आकाशीय ग्रंथ है, जो पिछली तमाम आकाशीय ग्रंथों की पुष्टि करता है और उनके अंदर मौजूद विधानों को निरस्त करता है।
पवित्र क़ुरआन अल्लाह की निशानी तथा एक दायमी चमत्कार है। वह मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अल्लाह के रसूल होने की दलील है। अल्लाह ने जिन्नों एवं इन्सानों को उस जैसी एक किताब या एक सूरत प्रस्तुत करने की चुनौती दी थी, लेकिन वे इस चुनौती को स्वीकार नहीं कर सके।
उसके उतरने को 1400 वर्ष से अधिक समय बीत गया है, लेकिन उसमें किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और आगे भी अपनी मूल अरबी भाषा में सुरक्षित रहेगा। क्योंकि महान और पवित्र अल्लाह ने क़यामत तक उसकी सुरक्षा की ज़िम्मेवारी ले रखी है।
पवित्र क़ुरआन इस्लाम का मुख्य स्रोत तथा संविधान है, जो मानव जाति के जीवन को नियंत्रित करता है और हर युग तथा हर स्थान में उसे सही दिशा प्रदान करता है। क़ुरआन केवल उस माबूद (पूज्य) की इबादत का आह्वान करता है जो कि एकमात्र स्रष्टा है। क़ुरआन इन्सान को उसके रब तथा दीन को जानने के संबंध में ज़रूरी बातें बताता है, कायनात (ब्रह्मांड) की सृष्टि का आरंभ कैसे हुआ यह बताता है, इन्सान की सृष्टि के विभिन्न चरणों का उल्लेख करता है, गुज़रे हुए समय तथा आने वाले समय से संबंधित बहुत-सी ग़ैब की बातें बताता है, पिछले नबियों के क़िस्से सुनाता है और यह बताता है कि अल्लाह ने कैसे अपने नबियों की मदद की और उनके दुश्मनों को नष्ट किया। इसमें इबादतों तथा मामलात से संबंधित बुनियादी बातें हैं, अच्छा आचरण अपनाने को कहा गया है, बुरे आचरण से सावधान किया गया है और बताया गया है कि इन्सान का अंतिम ठिकाना या तो जन्नत होगा, जो ईमान वालों का घर है, या जहन्नम होगा, जो काफ़िरों और अत्याचारियों का घर है।
इस महान ग्रंथ के महत्व के मद्देनज़र, जिसे अल्लाह ने अरबी भाषा में उतारा है और पूरी मानव जाति को पहुँचाने का आदेश दिया है, इसके अर्थों के अनुवाद को आपकी भाषा में प्रस्तुत करना, ताकि इसे आसानी से समझा जा सके और इसे दूसरों तक पहुँचाने का काम हो सके, हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी। इस कार्य पर नियुक्त उलेमा (विद्वानों) ने क़ुरआन के अर्थों को समझने और उसका अनुवाद करने का हर संभव प्रयास किया है। जबकि हमें इस बात का अच्छी तरह ज्ञान है कि अनुवाद चाहे कितना भी सटीक हो, उसके द्वारा महान क़ुरआन के शब्दों के अंदर छुपे अर्थों को पूरे तौर पर सामने नहीं लाया जा सकता। क्योंकि क़ुरआन एक चमत्कार तथा मानव कार्य से ऊपर की चीज़ है। अतः जो व्यक्ति क़ुरआन के तथ्यों को अधिक जानना चाहता हो, उसे अरबी ज़बान सीखनी चाहिए, जिसमें क़ुरआन अवतरित हुआ है।
शांति की जल-धारा बरसे सभी रसूलों पर और सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जो सारे संसार का रब है।
यहाँ दिए गए QR कोड के माध्यम से आप अपनी भाषा में पवित्र क़ुरआन के अर्थों का अनुवाद देख सकते हैं।