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فضل الإسلام

فضل الإسلام

इस्लाम की श्रेठता इमाम मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब अध्याय:इस्लाम को धर्म स्वरूप कबूल करने की अनिवार्यता अल्लाह तआला का फ़रमान है : "जो व्यक्ति इस्लाम के अतिरिक्त कोई अन्य धर्म ढूँढे, उसका धर्म कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह प्रलोक में घाटा उठाने वालों में से होगा।" [1] (सूरा आल-ए-इमरान: आयत संख्या : 85) अल्लाह तआला ने यह भी फ़रमाया है : "और यही धर्म मेरा सीधा मार्ग है। अतः इसी रास्ते पर चलो और दूसरे रास्तों पर न चलो। अन्यथा वह तुम्हें अल्लाह के रास्ते से भटका देंगे।" [1] (सूरा अल-अनआम, आयत संख्या : 153) [1] सूरा आल-ए-इमरान, आयत संख्या : 85 [2] सूरा अल-अनआम, आयत संख्या : 153 मुजाहिद कहते…

भाषा: lang_hi
तैयारकर्ता:
संस्करण: 1.0
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