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البَقَرَة /

आयत 130

2 : 130
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 130

وَمَن يَرۡغَبُ عَن مِّلَّةِ إِبۡرَٰهِـۧمَ إِلَّا مَن سَفِهَ نَفۡسَهُۥۚ وَلَقَدِ ٱصۡطَفَيۡنَٰهُ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ وَإِنَّهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

तथा कौन है जो इबराहीम के धर्म से विमुख होगा, सिवाय उसके जिसने अपने आपको मूर्ख बना लिया। निःसंदेह हमने उसे संसार में चुन लिया तथा निःसंदेह वह आख़िरत (परलोक) में निश्चय सदाचारियों में से है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात मार्गदर्शन देने तथा नबी बनाने के लिए निर्वाचित कर लिया।