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المُرسَلات /

आयत 5

77 : 5
المُرسَلات आयतें 50
सूरह · المُرسَلات
हिन्दी · Omari
77 : 5

فَٱلۡمُلۡقِيَٰتِ ذِكۡرًا

फिर वह़्य लेकर उतरने वाले फ़रिश्तों की क़सम!

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात जो वह़्य (प्रकाशना) ग्रहण करके उसे रसूलों तक पहुँचाते हैं।