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المُرسَلات /

आयत 6

77 : 6
المُرسَلات आयतें 50
सूरह · المُرسَلات
हिन्दी · Omari
77 : 6

عُذۡرًا أَوۡ نُذۡرًا

उज़्र (बहाना) समाप्त करने या डराने के लिए।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात ईमान लाने वालों के लिये क्षमा का वचन तथा काफ़िरों के लिये यातना की सूचना लाते हैं।