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الطُّور /

आयत 33

52 : 33
الطُّور आयतें 49
सूरह · الطُّور
हिन्दी · Omari
52 : 33

أَمۡ يَقُولُونَ تَقَوَّلَهُۥۚ بَل لَّا يُؤۡمِنُونَ

या वे कहते हैं कि उसने इसे स्वयं गढ़ लिया है? बल्कि वे ईमान नहीं लाते।