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سَبإ /

आयत 15

34 : 15

आयत 15 of سَبإ (34 : 15). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

سَبإ आयतें 54
सूरह · سَبإ
हिन्दी · Omari
34 : 15

لَقَدۡ كَانَ لِسَبَإٖ فِي مَسۡكَنِهِمۡ ءَايَةٞۖ جَنَّتَانِ عَن يَمِينٖ وَشِمَالٖۖ كُلُواْ مِن رِّزۡقِ رَبِّكُمۡ وَٱشۡكُرُواْ لَهُۥۚ بَلۡدَةٞ طَيِّبَةٞ وَرَبٌّ غَفُورٞ

सबा जाति के लिए उनके निवास-स्थान में एक निशानी थी। (उसके) दाएँ और बाएँ दो बाग़ थे। (हमने कहा था :) अपने पालनहार की दी हुई रोज़ी से खाओ और उसके प्रति आभार प्रकट करो। (यह) एक अच्छा शहर है तथा अति क्षमाशील पालनहार है।

Explanation & meanings · 2
  1. यह जाति यमन में निवास करती थी।
  2. अर्थात अल्लाह के सामर्थ्य की।