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المؤمنُون /

आयत 43

23 : 43
المؤمنُون आयतें 118
सूरह · المؤمنُون
हिन्दी · Omari
23 : 43

مَا تَسۡبِقُ مِنۡ أُمَّةٍ أَجَلَهَا وَمَا يَسۡتَـٔۡخِرُونَ

कोई समुदाय अपने निश्चित समय से न आगे बढ़ता है और न वे पीछे रहते हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात किसी जाति के विनाश का समय आ जाता है, तो एक क्षण की भी देर-सवेर नहीं होती।