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المُرسَلات /

आयत 46

77 : 46
المُرسَلات आयतें 50
सूरह · المُرسَلات
हिन्दी · Omari
77 : 46

كُلُواْ وَتَمَتَّعُواْ قَلِيلًا إِنَّكُم مُّجۡرِمُونَ

(ऐ झुठलाने वालो!) तुम खा लो तथा थोड़ा-सा आनंद ले लो। निश्चय तुम अपराधी हो।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात सांसारिक जीवन में।