75 : 2
وَلَآ أُقۡسِمُ بِٱلنَّفۡسِ ٱللَّوَّامَةِ
तथा मैं क़सम खाता हूँ निंदा करने वाली अंतरात्मा की।
Explanation & meanings · 1
- मनुष्य की अंतरात्मा की यह विशेषता है कि वह बुराई करने पर उसकी निंदा करती है।
وَلَآ أُقۡسِمُ بِٱلنَّفۡسِ ٱللَّوَّامَةِ
तथा मैं क़सम खाता हूँ निंदा करने वाली अंतरात्मा की।