50 : 14
وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡأَيۡكَةِ وَقَوۡمُ تُبَّعٖۚ كُلّٞ كَذَّبَ ٱلرُّسُلَ فَحَقَّ وَعِيدِ
तथा ''ऐका'' के वासियों ने और ''तुब्बा'' की जाति ने। प्रत्येक ने रसूलों को झुठलाया। तो उनपर मेरे अज़ाब का वादा साबित हो गया।
Explanation & meanings · 2
- देखिए : सूरतुद्-दुख़ान, आयत : 37।
- इन आयतों में इन जातियों के विनाश की चर्चा करके क़ुरआन और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को न मानने के परिणाम से सावधान किया गया है।