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القَدر /

आयत 4

97 : 4

आयत 4 of القَدر (97 : 4). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

القَدر आयतें 5
सूरह · القَدر
हिन्दी · Omari
97 : 4

تَنَزَّلُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ فِيهَا بِإِذۡنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمۡرٖ

उसमें फ़रिश्ते तथा रूह (जिबरील) अपने पालनहार की अनुमति से हर आदेश के साथ उतरते हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. 'रूह़' से अभिप्राय जिब्रील अलैहिस्सलाम हैं। उनकी प्रधानता के कारण सभी फ़रिश्तों से उनकी अलग चर्चा की गई है। और यह भी बताया गया है कि वे स्वयं नहीं बल्कि अपने पालनहार की आज्ञा से ही उतरते हैं।