Skip to content
القَدر /

आयत 5

97 : 5
القَدر आयतें 5
सूरह · القَدر
हिन्दी · Omari
97 : 5

سَلَٰمٌ هِيَ حَتَّىٰ مَطۡلَعِ ٱلۡفَجۡرِ

वह रात फ़ज्र उदय होने तक सर्वथा सलामती (शांति) है।

Explanation & meanings · 1
  1. इसका अर्थ यह है कि संध्या से भोर तक यह रात्रि सर्वथा शुभ तथा शांतिमय होती है। सह़ीह़ ह़दीसों से स्पष्ट होता है कि यह शुभ रात्रि रमज़ान की अंतिम दस रातों में से कोई एक रात है। इसलिए हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम इन दस रातों को अल्लाह की उपासना में बिताते थे।