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الشَّمس /

आयत 10

91 : 10
الشَّمس आयतें 15
सूरह · الشَّمس
हिन्दी · Omari
91 : 10

وَقَدۡ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا

तथा निश्चय वह विफल हो गया, जिसने उसे (पापों में) दबा दिया।

Explanation & meanings · 1
  1. (9-10) इन दोनों आयतों में यह बताया जा रहा है कि अब भविष्य की सफलता और विफलता इस बात पर निर्भर है कि कौन अपनी स्वभाविक योग्यता का प्रयोग किसके लिए कितना करता है। और इस प्रकाशना : क़ुरआन के आदेशों को कितना मानता और पालन करता है।