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التوبَة /

आयत 27

9 : 27
التوبَة आयतें 129
सूरह · التوبَة
हिन्दी · Omari
9 : 27

ثُمَّ يَتُوبُ ٱللَّهُ مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ عَلَىٰ مَن يَشَآءُۗ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

फिर इसके बाद अल्लाह जिसकी चाहेगा, तौबा क़बूल करेगा। और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उसके सत्धर्म इस्लाम को स्वीकार कर लेने के कारण।