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المُطَففين /

आयत 36

83 : 36

आयत 36 of المُطَففين (83 : 36). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

المُطَففين आयतें 36
सूरह · المُطَففين
हिन्दी · Omari
83 : 36

هَلۡ ثُوِّبَ ٱلۡكُفَّارُ مَا كَانُواْ يَفۡعَلُونَ

क्या काफ़िरों को उसका बदला मिल गया, जो वे किया करते थे?

Explanation & meanings · 1
  1. (29-36) इन आयतों में बताया गया है कि परलोक में कर्मों का फल दिया जाएगा, तो सांसारिक परिस्थितियाँ बदल जाएँगी। संसार में तो सब के लिए अल्लाह की दया है, परंतु न्याय के दिन जो अपने सुख सुविधा पर गर्व करते थे और जिन निर्धन मुसलमानों को देखकर आँखें मारते थे, वहाँ पर वही उनके दुष्परिणाम को देख कर प्रसन्न होंगे। अंतिम आयत में विश्वासहीनों के दुष्परिणाम को उनका कर्म कहा गया है। जिसमें यह संकेत है कि अच्छा फल और कुफल स्वयं इमसान के अपने कर्मों का स्वभाविक प्रभाव होगा।