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التَّكوير /

आयत 21

81 : 21

आयत 21 of التَّكوير (81 : 21). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

التَّكوير आयतें 29
सूरह · التَّكوير
हिन्दी · Omari
81 : 21

مُّطَاعٖ ثَمَّ أَمِينٖ

उसकी वहाँ (आसमानों में) बात मानी जाती है और बड़ा विश्वसनीय है।

Explanation & meanings · 1
  1. (15-21) तारों की व्यवस्था गति तथा अँधेरे के पश्चात् नियमित रूप से उजाला की शपथ इस बात की गवाही है कि क़ुरआन ज्योतिष की बकवास नहीं। बल्कि यह ईश-वाणी है। जिसको एक शक्तिशाली तथा सम्मान वाला फ़रिश्ता लेकर मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आया। और अमानतदारी से इसे पहुँचाया।