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النَّازعَات /

आयत 27

79 : 27
النَّازعَات आयतें 46
सूरह · النَّازعَات
हिन्दी · Omari
79 : 27

ءَأَنتُمۡ أَشَدُّ خَلۡقًا أَمِ ٱلسَّمَآءُۚ بَنَىٰهَا

क्या तुम्हें पैदा करना अधिक कठिन है या आकाश को, जिसे उसने बनाया।

Explanation & meanings · 1
  1. (16-27) यहाँ से प्रलय के होने और पुनः जीवित करने के तर्क आकाश तथा धरती की रचना से दिए जा रहे हैं कि जिस शक्ति ने यह सब बनाया और तुम्हारे जीवन रक्षा की व्यवस्था की है, प्रलय करना और फिर सब को जीवित करना उसके लिए असंभव कैसे हो सकता है? तुम स्वयं विचार करके निर्णय करो।